Bihar Board 12th Hindi Chapter-13 Subjective Question 2026: पाठ- 13. शिक्षा | Subjective QUESTION , @biharboardcm.com

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Bihar Board 12th Hindi Chapter-13 Subjective Question 2026: पाठ- 13. शिक्षा | Subjective QUESTION , @biharboardcm.com

Bihar Board 12th Hindi Chapter-13 Subjective Question 2026:

 गद्य-13 शिक्षा

1. शिक्षा का क्या अर्थ है एवं इसके क्या कार्य हैं? स्पष्ट करें।

उत्तर- शिक्षा का अर्थ है- जीवन की सच्चाई की खोज करना शिक्षा का असली काम है की वो हमारे पूरे जीवन को समझने में हमारी मदद करे और एक ऐसा माहौल बनाने के लिए प्रेरित करे जहाँ हर कोई स्वतंत्र हो। शिक्षा का काम सिर्फ नौकरी और व्यवसायों के जरिए पैसा कमाना नहीं है।

2. ‘जीवन क्या है ?’ इसका परिचय लेखक ने किस रूप में दिया है?

उत्तर- जीवन का अर्थ अपने लिए सत्य की खोज और यह तभी संभव है। जब स्वतंत्रता हो. जब हमारे अंदर में सतत क्रांति की ज्वाला प्रकाशमन हो।

3. जहाँ भय है वहाँ मेधा नहीं हो सकती। क्यों?

उत्तर- यह कथन बिल्कुल सत्य है की जहाँ भय वहाँ मेधा नहीं हो सकती क्योंकि भय के कारण इंसान किसी भी काम में अपना सह प्रतिशत नहीं दे पाता है। उसके मन में असफलता या हानि का डर बैठ जाता है। ज्यादातर इंसान अपना जीवन भय में गुजारते हैं। हमें नोकरी छूटने का, समाज का, परंपराओं का भय रहता है। इस भय की वजह से हम अपने जीवन के असली मतलब को नहीं समझ पाते हैं। इसी कारण मेधा का विकास नहीं हो पाता है।

4. जीवन में विद्रोह का क्यार थान है?

उत्तर- जीवन में विद्रोह का महत्वपूर्णस् थान है। मनुष्य इस जीवन की गहराई, इसकी सुंदरता और इसके ऐश्वर्या को तभी महसूस कर पायेगा। जब वो प्रत्येक वस्तु के खिलाफ विद्रोह करेगा। जब हम संगठित धर्म, प्राचीन परंपराओं तथा इस सड़े हुए समाज के खिलाफ विद्रोह करेंगे तभी एक मानव की भांति सत्य की खोज कर पाएंगे।

5. व्याख्या करें

यहाँ प्रत्येक मनुष्य किसी न किसी के विरोध में खड़ा है और किसी सुरक्षितस् थान पर पहुँचने के लिए प्रतिष्ठा, सम्मान, शाक्ति व आराम के लिए निरंतर संघर्ष कर रहा है।

उत्तर- उपयुक्त पंक्ति जे० कृष्णमूर्ति द्वारा लिखित शिक्षा पाठ से ली गई है। लेखक इन पंक्तियों के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि हर कोई अपने सुख के लिए दूसरे का विरोध कर रहा है। यह विद्रोह भी भिन्न- भिन्न चीजों के लिए है जैसे किसी सुरक्षितस् थान पर पहुँचने के लिए जिससे हमारे सभी भय दूर हो जाए अथवा प्रतिष्ठा, सम्मान, शक्ति तथा आराम पाने के लिए। इन सबके लिए मनुष्य लगातार संघर्ष कर रहा है।

6. नूतन विश्व का निर्माण कैसे हो सकता है?
उत्तर- समाज में चारों ओर भय फैला हुआ है। लोग एक दूसरे के प्रति ईर्ष्या-द्वेष से भरे हुए हैं। विश्व के सभी देश पतन की ओर अग्रसर हैं। इसे रोकना मानव समाज के लिए चुनौती है। हमें स्वतंत्रतापूर्ण वातावरण तैयार करना होगा, जिसमें व्यक्ति अपने लिए सत्य की खोज कर सके तथा मेधावी बन सके। सत्य की खोज वही कर सकते हैं। जो निरंतर विद्रोह की अक्क था में हो। स्वतंत्रता पूर्वक जीवन जिएंगे तो निसंदेह ही नूतन विश्व का निर्माण होगा।

7. क्रांति करना, सीखना और प्रेम करना तीनों पृथक-पृथक प्रक्रियाएँ नहीं हैं, कैसे?

उत्तर- प्रस्तुत पंक्तियाँ जे० कृष्णमूर्ति के लेख शिक्षा से उद्धृत अंश है। लेखक का कथन है कि प्रेम्, कांति और सीखना पृथक क्रियाएँ नहीं हैं। लेखक इसका कारण बताते हैं कि महत्वाकांक्षा को पूरा करने के क्रम में क्रांति, सीखना, प्रेम सभी क्रियाएँ हैं। समाज को अराजक र धति से निकालने के लिए समाज में कांति की आवश्यकता है। तभी सुव्यर्क थत समाज का निर्माण हो सकेगा। सचमुच अराजक र धति हमारे लिए एक चुनौती है।

इस ज्वलंत समस्या का समाधान क्रांति द्वारा ही संभव है। इस दौरान हम जो भी करते हैं वह वास्तव में अपने पूरे जीवन से सीखते हैं। तब हमारे लिए न कोई गुरु रह जाता है न मार्गदर्शक। हर वस्तु हमें एक नयी सीख दे जाती है। तब हमारा जीवन स्वयं गुरु हो जाता है और हम सीखते जाते हैं। जिस किसी वस्तु को सीखने के क्रम में गहरी दिलचस्पी रखते हैं उसके संबंध में हम प्रेम से खोज करते हैं। उस समय हमारा संपूर्ण मन, संपूर्ण सत्ता उसी में रमी रहती है। हमारी इस महत्वाकांक्षा को पूरा करने के क्रम में कांति. सीखना, प्रेम सब साथ-साथ चलता है।

अध्याय 13: “शिक्षा” – वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)

1. ‘शिक्षा’ शीर्षक पाठ के लेखक कौन हैं?

(क) मलयज
(ख) जे. कृष्णमूर्ति
(ग) नामवर सिंह
(घ) उदय प्रकाश

उत्तर: (ख) जे. कृष्णमूर्ति

2. जे. कृष्णमूर्ति का पूरा नाम क्या था?

(क) जिद्दू कृष्णमूर्ति
(ख) जिद्द कृष्णमूर्ति
(ग) सज्जद कृष्णमूर्ति
(घ) जद्दू कृष्णमूर्ति

उत्तर: (क) जिद्दू कृष्णमूर्ति

3. ‘शिक्षा’ पाठ की विधा क्या है?

(क) निबंध
(ख) एकांकी
(ग) संभाषण
(घ) कहानी

उत्तर: (ग) संभाषण

4. जे. कृष्णमूर्ति के अनुसार, मेधा कहाँ नहीं हो सकती?

(क) जहाँ स्वतंत्रता हो
(ख) जहाँ अनुशासन हो
(ग) जहाँ भय हो
(घ) जहाँ प्रेम हो

उत्तर: (ग) जहाँ भय हो

5. लेखक के अनुसार, हमें ‘क्रांति’ कब करनी चाहिए?

(क) जब हम बूढ़े हो जाएँ
(ख) जब हम किशोर हों (युवावस्था में)
(ग) जब हम नौकरी पा लें
(घ) कभी नहीं

उत्तर: (ख) जब हम किशोर हों

6. ‘लीडबेटर’ जे. कृष्णमूर्ति में किसका रूप देखते थे?

(क) देश भक्त का
(ख) विश्व शिक्षक का
(ग) समाज सुधारक का
(घ) राजनेता का

उत्तर: (ख) विश्व शिक्षक का

7. “द फर्स्ट एंड लास्ट फ्रीडम” किसकी कृति है?

(क) जयप्रकाश नारायण
(ख) अब्दुल कलाम आजाद
(ग) जे. कृष्णमूर्ति
(घ) जाकिर हुसैन

उत्तर: (ग) जे. कृष्णमूर्ति

8. साम्यवादी किससे लड़ रहा है?

(क) समाजवादी से
(ख) पूंजीपति से
(ग) सत्ता से
(घ) स्वयं से

उत्तर: (ख) पूंजीपति से

9. लेखक के अनुसार शिक्षा का वास्तविक कार्य क्या है?

(क) नौकरी दिलाना
(ख) परीक्षा उत्तीर्ण कराना
(ग) संपूर्ण जीवन की प्रक्रिया को समझने में मदद करना
(घ) केवल साक्षर बनाना

उत्तर: (ग) संपूर्ण जीवन की प्रक्रिया को समझने में मदद करना

10. जे. कृष्णमूर्ति का जन्म किस राज्य में हुआ था?

(क) बिहार
(ख) उत्तर प्रदेश
(ग) आंध्र प्रदेश
(घ) मध्य प्रदेश

उत्तर: (ग) आंध्र प्रदेश

Leave a Comment