Bihar Board 12th Chemistry Subjective 2027: वही Question पर है जो परीक्षा में आएगा। @biharboardcm.com

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Bihar Board 12th Chemistry Subjective 2027: वही Question पर है जो परीक्षा में आएगा। @biharboardcm.com

Bihar Board 12th Chemistry Subjective 2027:

प्रश्न 1. इकाई सेल से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर- किसी रवा के सबसे छोटा इकाई जिसकी पुनरावृत्ति तीनों दिशाओं में करने पर एक पूर्ण रवा का निर्माण होता है, उसे इकाई सेल कहते हैं। उदाहरण- सरल यूनिट सेल, केन्द्रित यूनिट सेल आदि ।

प्रश्न 2. विद्युत रासायनिक सेल क्या है ? एक उदाहरण से समझायें ।
उत्तर- विद्युत रासायनिक सेल-विद्युत रासायनिक सेल में सेल का अर्थ एक इकाई (unit) होता है, जिसमें रासायनिक प्रतिक्रिया की ऊर्जा (रासायनिक ऊर्जा) का विद्युत ऊर्जा में परिवर्तन होता है। इस प्रकार के दो अर्द्ध सेलों को संयुक्त करने पर एक विद्युत रासायनिक सेल प्राप्त होता है। उदाहरण- Zn(s) + Cu++ (aq) → Zn2+ (aq) + Cu(s)

प्रश्न 3. लोहे में जंग लगने के संबंध में विद्युत रासायनिक सिद्धान्त का उल्लेख करें।
उत्तर-वायु, पानी या किसी अशुद्धि से धातु के धरातल का खराब होना जंग कहलाता है । जंग का रासायनिक सूत्र Fe2034H2O है।

प्रश्न 4. धातु के वैद्युत शोधन विधि का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर- विद्युत अपघटनी शोधन (Electro Refining) यह अधिक सुविधाजनक एवं महत्त्वपूर्ण शोधन विधि है। इससे अधिकतम शुद्ध धातु प्राप्त होती है। यह विधि बहुत-सी धातुओं जैसे Cu, Ag, Pb, Ni, Sn, Zn आदि के लिए प्रयुक्त की जाती है। अशुद्ध धातु के पिण्डों (blocks) का ऐनोड के रूप में एवं धातु की पतली परत कैथोड के रूप में प्रयुक्त होती है। धातु के लवण का विलयन विद्युत अपघट्य कैथोड पर जमा हो जाता है। विलयन में विद्युत प्रवाहित करने पर शुद्ध धातु ऐनोड से पिघलकर कैथोड पर जमा हो जाता है। उसी समय धातु के ऐनोड के ऑक्सीकरण से और अधिक आयन विद्युत अपघट्य में प्रवेश कर जाते हैं। अविलेय अशुद्धियाँ विद्युत अपघट्य में घुल जाती है या तली में ऐनोड पंक (anode mud) के रूप में एकत्रित हो जाती है। उदाहरणार्थ, कॉपर के शोधन में Fe या Zn अशुद्धियाँ विद्युत अपघट्य में घुल जाती है जबकि Au, Ag एवं Pt ऐनोड पंक (anode mud) में रह जाती है।

प्रश्न 5. उपशामक से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर- प्रशांतक वे पदार्थ हैं जो चिन्ता व मानसिक तनाव से पीड़ित रोगियों को दिये जाते हैं। ये तंत्रिका तंत्र कार्य पर कार्य करते हैं तथा तनाव घटाते हैं। इसके परिणामस्वरूप नींद भी आ सकती है तथा बहुत सी नींद की गोलियों के घटक होते हैं। प्रशांतक दिमागी तनाव के व्यक्तियों में काफी प्रभावी होते हैं। इक्वेनिल तथा ल्यूमिनल सामान्यतः प्रयुक्त होने वाले प्रशांतक है

प्रश्न 6. उदाहरण के साथ भौतिक अधिशोषण और रासायनिक अधिशोषण की परिभाषा करें।
उत्तर- भौतिक अधिशोषण – अधिशोषण बल Van der Waals – Forces होता है । यह उत्क्रमणीय प्रक्रम है। इसकी प्रकृति विशिष्ट नहीं होती है। आसानी से संघनित होने वाली गैसें अधिशोषित होती हैं। इसके लिए निम्न ताप अनुकूल होता है । तापवृद्धि से अधिशोषण घटता है । रासायनिक अधिशोषण अधिशोषण बल chemical bond होता है। यह अनुत्क्रमणीय प्रक्रम है। इसकी प्रकृति विशिष्ट होती है। Adsorbent से अभिक्रिया करने वाली गैसें अधिशोषित होती हैं। इसके लिए उच्च ताप अनुकूल होता है । ताप-वृद्धि से अधिशोषण में वृद्धि होती है ।

प्रश्न 7. संयुज्म बंधन सिद्धान्त की सहायता से | NiC1412- के संरचना का वर्णन करें ।
उत्तर – [Ni(Cl)4] 2 – उपसहसंयोजक यौगिक में Ni + 2 ऑक्सीकरण अवस्था में है तथा आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d84s° है। CI- आयन एक दुर्बल लिगन्ड है जो 3d के अयुग्मि इलेक्ट्रॉन को युग्मित नहीं कर सकते हैं। 3d कक्षक प्रसंकरण में शामिल नहीं होते हैं। Ni का प्रसंकरण sp3 है। संरचना चतुष्फलकीय है। दो अयुगमित इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण यौगिक अनुचंबकीय है

प्रश्न 8. अणुसंख्य गुणधर्म क्या हैं? अणुसंख्य गुण धर्मों के नाम लिखें।
उत्तर- जब एक अवाष्पशील विलेय विलायक में डाला जाता है तो विलयन का वाष्पदाब घटता है। विलयन के कई गुण वाष्प दाव के अवनमन से संबंधित है, वे है विलायक के समदाब का अपेक्षिक अवनमन, विलायक के हिमांक का अवनमन, विलायक के क्वथनांक का उन्नयन और विलयन का परासरण दाब ।

प्रश्न 9. प्रोटीन की प्राइमरी संरचना का उल्लेख करें ।
उत्तर- प्रोटीनों में एक अथवा अनेक पोलिपेप्टाइड श्रृंखलाएँ उपस्थित हो सकती है। किसी प्रोटीन के प्रत्येक पोलिपेप्टाइड में ऐमीनों अम्ल एक विशिष्ट क्रम में संयुक्त होते हैं। यही क्रम प्रोटीनों की प्राथमिक संरचना बनाता है। 1 जैसे—Val – His -HIS-Leu-Thr-Pro-Glu-Cys- किसी प्रोटीन की द्वितीयक संरचना का संबंध उस आकृति से है। जिसमें पोलिपेप्टाइड श्रृंखला विद्यमान होती है। यह दो भिन्न प्रकार की संरचनाओं में विद्यमान होती है। Q-हैलिक्स तथा B-प्लीटेड शीट संरचना ।

प्रश्न 10. आयोडीन के मुख्य स्रोत क्या हैं? आयोडीन को समुद्री घास से कैसे प्राप्त करते हैं ?
उत्तर- आयोडीन के प्राकृतिक स्रोत सक्रिय तत्त्व होने के कारण आयोडीन प्रकृति में मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता है इसके प्राकृतिक स्रोत हैं (i) समुद्री घास (ii) चीली साल्ट पीटर या कैलिश (iii) प्राकृतिक ब्राइन । समुद्री घास से आयोडीन का उत्पादन लैमिनेरिया किस्म की समुद्री घास में आयोडीन उपस्थित रहता है। समुद्री घास को अच्छी तरह सूखाकर इसे गहरे गडढ़ों में सावधानीपूर्वक जलाया जाता है ताकि उपस्थित आयोडीन नष्ट नहीं हो। जलाने के फलस्वरूप प्राप्त राख को केल्प (kelp) कहा जाता है जिसमें 0.4 से 1.3% तक आयोडीन रहता है। केल्प को जल में घुलाकर घोल का आंतशिक रवाकरण करने से जल में कम घुलनशील अवयव (KCL, K2SO4, NaCl, Na2 SO 4 आदि) रवाकृत होकर बाहर निकल जाते हैं जबकि जल में अधिक घुलनशील KI एवं Nal मातृद्रव में शेष बचे रह जाते हैं । मातृद्रव में सान्द्र H2 SO 4 मिलाकर क्षारीय सल्फाइडों से मुक्त गंधक को बर्तन के पेंदे पर बैठने दिया जाता है। अवक्षेपित गंधक को छानकर हटा दिया जाता है एवं छनित द्रव को मैंगनीज डाइऑक्साइड (MnO2) एवं सान्द्र H2SO4 के साथ लोहे के वक्रयंत्र में मिलाकर मिश्रण को गर्म किया जाता है । ऐसा करने से प्रतिक्रिया के फलस्वरूप आयोडीन वाष्प के रूप में निकलता है जिसे चीनी मिट्टी की बनी विशेष प्रकार की नलियों में जिसे एल्यूडेल कहा जाता है संघनित करके ठोस के रूप में जमा कर लिया जाता है ।
2Nal + MnO2 + 3H2SO4 → 2NaHSO4 + MnSO4 + 2H2O + I2 √

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